Skip to main content

10. प्रभु नाम की महिमा

प्रभु नाम की महिमा असीम है । जिसको प्रभु नाम पर विश्वास होता है उसके लिए नाम भगवान सब कुछ करते हैं । ऐसा कुछ भी नहीं जो प्रभु का नाम नहीं कर सकता क्योंकि नामी प्रभु ने अपनी समस्त शक्तियों को अपने नाम में स्थापित कर रखा है । इसलिए हमें प्रभु के नाम पर पूर्ण विश्वास होना चाहिए और हमें नियमित प्रभु का नाम जप करना चाहिए । विपत्ति में तो जरूर करना चाहिए क्योंकि विपत्ति का निवारण इससे ही होता है ।

एक संत एक कथा सुनाते थे कि एक विदेशी एक बंदूक लेकर बस में सफर कर रहा था । बस एक गांव में रुकी । बस को आधा घंटा रुकना था तो वह विदेशी भी अपनी बंदूक लेकर टहलने के लिए बस से उतर गया । उसने भारत के संतों के विषय में काफी सुन रखा था । वहाँ गांव में उसे एक संत माला जपते हुए मिले । उस विदेशी ने उस संत के पास जाकर पूछा कि यह क्या कर रहे हैं । संत ने माला दिखाकर कहा कि मैं प्रभु का नाम जप रहा हूँ । उस विदेशी ने पूछा कि इससे क्या होता है । संत सच्चे थे और उनके मन में आया कि विदेशी को प्रभु नाम का प्रभाव दिखाना चाहिए । संत ने विदेशी की बंदूक की तरफ इशारा करके पूछा इससे क्या होता है । विदेशी ने तुरंत उस वृक्ष जिसके नीचे संत बैठे थे उस वृक्ष पर बैठे एक पक्षी पर निशाना लगाया और गोली चला दी । गोली लगते ही पक्षी मृत होकर नीचे गिर गया । विदेशी ने गर्व कहा कि बंदूक से यह होता है । अब संत की बारी थी । उन्होंने अपने कमंडल से जल लिया और प्रभु नाम का उच्चारण करते हुए जल को मृत पक्षी पर छोड़ा । पक्षी तुरंत जीवित हो गया और उड़ गया । संत ने विदेशी से कहा कि प्रभु नाम से यह होता है । विदेशी भौचक्का रह गया और संत के चरणों में गिर पड़ा । उसने अपनी बंदूक का त्याग कर दिया और संत से प्रभु नाम की दीक्षा ले ली ।